रांची में प्रदेश अध्यक्ष-मंत्री के सामने भिड़े कार्यकर्ता, कहां गए नेताओं के 'संस्कार'

झारखंड में कार्यकर्ताओं में अनुशासन की कमी होती जा रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रांची में देखा जा रहा है जहां पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष-मंत्री के सामने ही कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। 

रांची में प्रदेश अध्यक्ष-मंत्री के सामने भिड़े कार्यकर्ता, कहां गए नेताओं के 'संस्कार'

रांची। कांग्रेस आलाकमान कांग्रेस को मजबूत करने के लिए रात दिन एक किया हुआ है। लेकिन कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ता आलाकमान की मेहनत पर लगातार पानी फेर रहे हैं। ऐसा ही वाकया झारखंड में देखने को मिला। जहां कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। लिहाजा समझा जा सकता है कि कांग्रेस में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। सड़क से लेकर पार्टी कार्यालय तक कार्यकर्ता हंगामा कर रहे हैं।

असल, महंगाई के विरोध के लिए कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। यहां महंगाई के विरोध में एक रणनीति बनाई जानी थी। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव और कांग्रेस विधायक दल के नेता और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के सामने कांग्रेस के बड़े नेता आपस में उलझ गए।

हंगामा इतना बढ़ गया कि घंटों तक बवाल चला। हालांकि पूरे मामले की जानकारी अभी सामने नहीं आई है कि हंगामे की वजह क्या है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और प्रवक्ता आलोक दुबे के बीच तनातनी चल रही थी। जिसके बाद ये हंगामा हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि प्रदेश अध्यक्ष को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। इस बीच, हंगामा देखकर मंत्री आलमगीर आलम कमरे से बाहर निकल गए और फिर मामला शांत होने के बाद वह वापस कमरे में लौट आए।

इधर, पार्टी कार्यालय में हंगामे के बाद प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा है कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है और इस तरह की समस्याएं सामने आती रहती हैं। जब लोग घर में एक साथ रहते हैं, तो इस तरह के मामले होते ही रहते हैं। लेकिन मीडिया को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस में सब कुछ ठीक चल रहा है और कार्यकर्ता नाराज नहीं हैं।