'वर्षा' या मातोश्री में चल रहा है ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल! ठाकरे की चुप्पी पर उठे सवाल

असल में राज्य में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर की चिट्ठी (Parambir Singh's letter) के बाद महाराष्ट्र में एक और चिट्ठी ने कोहराम मचा दिया है। परमबीर सिंह ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देखमुख पर बड़े आरोप लगाए।

'वर्षा' या मातोश्री में चल रहा है ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल! ठाकरे की चुप्पी पर उठे सवाल

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सियासी तूफान आया हुआ है और राज्य में गृहमंत्री अनिल (Anil Deshmukh) देशमुख पर कुर्सी जाने की तलवार लटकी हुई है। वहां राज्य के सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पूरे प्रकरण में खामोशी साधे हुए हैं और अपने सिपहसालार के जरिए मोर्चा खोले हुए हैं। लेकिन अब उद्धव ठाकरे को लेकर भी सवाल उठाने शुरू हो गए है। क्योंकि परमबीर सिंह कि चिट्ठी (Parambir Singh's letter) के बाद अब राज्य में तत्कालीन इंटेलिजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला (Rashmi Shukla) की चिट्ठी ने भी ट्रांसफर पोस्टिंग (Transfer Posting) के खेल को लेकर चिट्ठी लिखी थी, लेकिन उन्हें बाद में इस पद से हटा दिया गया। जिसको लेकर अब राज्य की ठाकरे कठघरे में खड़ी दिख रही है।

असल में राज्य में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र में एक और चिट्ठी ने कोहराम मचा दिया है। परमबीर सिंह ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देखमुख पर बड़े आरोप लगाए, जिसके बाद देशमुख बैकफुट पर हैं। वहीं देशमुख के सियासी गुरू शरद पवार उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर है और इसके कारण मुंबई से दिल्ली तक सियासी तूफान आया हुआ है। वहीं अब एक और चिट्टी सामने आई है। ये ये चिट्ठी राज्य की तत्कालीन इंटेलिजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला ने अगस्त 2020 में  डीजीपी को लिखी थी।  

उन्होंने इस खत में पुलिस महकमे के अंदर ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए एक दलाली नेटवर्क के मामले को उजागर किया ( Rashmi Shukla exposed transfer posting game in police department in Maharashtra) था। लेकिन दुर्भाग्य से रश्मि शुक्ला हो विभाग से हटा दिया गया। क्योंकि इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट ने कुछ फोन भी सर्विलांस पर रखे थे और इसके आधार पर सुराग मिले थे कि इस दलाली नेटवर्क के नेताओं और बड़े अफसरों के बीच गहरी पैठ है। वहीं रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट पर कोई एक्शन लेने की बजाय उनका ट्रांसफर कर दिया गया।

उद्धव ठाकरे की खामोशी पर उठे सवाल

राज्य में उठे सियासी तूफान के बीच अभी तक उद्धव ठाकरे अभी तक खामोश (Thackeray is silent) हैं और उनकी तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हालांकि शिवसेना और एनसीपी की तऱफ से बयान जारी किए जा रहे हैं। लेकिन राज्य में सरकार के मुखिया की हैसियत के बावजूद उद्धव ठाकरे चुप्पी साधे हुए हैं।

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शरद पवार कर रहे हैं देशमुख का बचाव

असल में राज्य में एनसीपी के नेता शरद पवार राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख का बचाव कर रहे हैं। क्योंकि देशमुख विदर्भ के बड़े नेता माने जाते हैं और उन्हें किनारे करने का मतलब राज्य के इस क्षेत्र में एनसीपी को कमजोर करना है।