सीएम योगी फिर करेंगे भरोसेमंद अफसरों की तलाश, सेंट्रल डेपुटेशन पर जाएंगे आईएएस तो कमजोर होगी टीम

उत्तर प्रदेश कैडर के तीन आईएएस अफसर केन्द्र सरकार में सेक्रेटरी के पद पर इम्पैनल हुए हैं। जिसके बाद इन तीनों अफसरों की केन्द्र में जाने की चर्चा शुरू हो गई है। ये तीन अफसर 1989 बैच के आईएएस हैं और केन्द्र में संयुक्त सचिव के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

सीएम योगी फिर करेंगे भरोसेमंद अफसरों की तलाश, सेंट्रल डेपुटेशन पर जाएंगे आईएएस तो कमजोर होगी टीम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर के तीन आईएएस अफसर जल्द ही केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। हालांकि अभी तक इन अफसरों की विभागों में नियुक्ति नहीं हुई है। माना जा राज्य में कई अफसर 1989 बैच के हैं लेकिन इसमें महज तीन अफसरों का ही केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति में सचिव के पद पर इम्पैनलमेंट हुई है। इसमें मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल, अपर मुख्य सचिव आबकारी गन्ना एवं चीनी उद्योग संजय आर. भूसरेड्डी तथा अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी हैं। अगर केन्द्र में इन अफसरों की तैनाती होती है तो ये केंद्र सरकार में सचिव के पद पर कार्य करेंगे।

फिलहाल देशभर के करीब 40 आईएएस अफसर सचिव के पद पर एंपेनल हुए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश कैडर के तीन वरिष्ठ आइएएस अफसरों का नाम शामिल है। हालांकि उत्तर प्रदेश में 1989 बैच में 11 आईएएस अफसर हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल के साथ अपर मुख्य सचिव, आबकारी, गन्ना और चीनी उद्योग संजय भूसरेड्डी और अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी का नाम इस लिस्ट में शामिल है और जल्द ही ये अफसर केंद्र सरकार में सचिव के पद पर कार्य करेंगे।

 हालांकि 1987 बैच के जीवेश नंदन भी केन्द्र में सचिव के पद पर एंपेनल हुए हैं हालांकि वह पहले से ही केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। जीवेश नंदन लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। हालांकि उनकी पत्नी लीला नंदन पहले से ही उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर हैं।


1989 बैच के शशि प्रकाश गोयल पहले मानव संसाधन मिनिस्ट्री में संयुक्त सचिव के पद पर थे और राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया। जबकि संजय आर. भूसरेड्डी केंद्र सरकार के पशुपालन मिनिस्ट्री में संयुक्त सचिव थे। इसके बाद वह राज्य में वापस लौटे और राज् सरकार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी। इसके साथ ही देवेश चतुर्वेदी केन्द्रीय कृषि मंत्रालय में  संयुक्त सचिव थे। जो बाद में राज्य में वापस लौटे और उन्होंने स्वास्थ्य और कृषि जैसे अहम विभाग संभाले।