घाटी में ‘मोसाद’ बने भारतीय सुरक्षा बल , ये है डोभाल नीति!

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक पूर्व आईपीएस अफसर होने के साथ साथ भारतीय खुफिया एजेंसी के लिए भी कार्य कर चुके हैं। वह पाकिस्तान में एजेंट बनकर कई सालों तक रहे। डोभाल को खुफिया मिशन का एक्सपर्ट माना जाता है।

घाटी में ‘मोसाद’  बने  भारतीय सुरक्षा बल , ये है डोभाल नीति!
घाटी में ‘मोसाद’  बने  भारतीय सुरक्षा बल , ये है डोभाल नीति!

नई दिल्ली। भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में दो आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। जबकि पिछले हफ्ते ही सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। वहीं कई ग्राउंडवर्कर को भी गिरफ्तार किया है जो आतंकियों को मदद पहुंचाते थे। इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने राज्य के बडगाम और शोपियां जिलों में अलग-अलग घटनाओं में तीन आतंकियों को मार गिराया था। हालांकि इसमें एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया था। सुरक्षा बलों को मिली गुप्त सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने बडगाम जिले के बिरवाह इलाके के जैनीगम गांव की घेराबंदी की थी। असल में घाटी में सुरक्षा बलों द्वारा आतंकियों के सफाए के लिेए डोभाल नीति को बड़ा कारण बताया जा रहा है। क्योंकि डोभाल ने पिछले एक साल से लगातार घाटी पर नजर बनाए हुए हैं और अब सुरक्षा बलों ने घाटी में आतंकियों का बड़ा नेटवर्क खत्म कर दिया है। 

मोसाद की तरह काम कर रही भारतीय सेना

अगर देखें तो भारतीय सुरक्षा बल घाटी में चलाए जा रहे पिछले कुछ ऑपरेशनों में इजराइल की खूफिया एजेंसी मोसाद की तरह ही काम कर रही है। भारतीय सेना ने स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क बना दिया है। वहीं सुरक्षा बल ग्राउड वर्करों का नेटवर्क भी तोड़ने में सफल हुए हैं। जिसके कारण आतंकियों को सफलता नहीं मिल रही है। वहीं सुरक्षा बल लगातार आतंकियों का सफाया कर रही है।

क्या आतंकियों के सफाए की नीति के पीछे है 'डोभाल नीति'

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक पूर्व आईपीएस अफसर होने के साथ साथ भारतीय खुफिया एजेंसी के लिए भी कार्य कर चुके हैं। वह पाकिस्तान में एजेंट बनकर कई सालों तक रहे। डोभाल को खुफिया मिशन का एक्सपर्ट माना जाता है। लिहाजा पाकिस्तान और उसके आतंकी गुट डोभाल को लेकर परेशान हैं। पिछले दिनों कश्मीर में एक आतंकी पकड़ा गया था, जिसने डोभाल के कार्यालय और घर की रेकी की थी। वहीं डोभाल पिछले साल कई बार कश्मीर जा चुके हैं और उसके बाद राज्य में आतंकियों को एनकाउंटर तेज हो गए थे और इसमें आतंकियों के टॉप कमांडरों भी मारे गए। जिसके बाद पाकिस्तान आतंकियों का घाटी में नेटवर्क कमजोर पड़ गया है। वहीं डोभाल के इजराइल के साथ भी अच्छे संबंध हैं।

क्या है मोसाद 

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद को दुनिया की सबसे खूंखार खुफिया एजेंसी माना जाता है। मोसाद जिस अभियान को अपने हाथ मे लेती है, उसे खत्मकर ही दम लेती है। एक तरह से मोसाद को इजराइल की किलिंग मशीन कहा जाता है। मोसाद के एजेंट जेम्स बांड की तरह काम करते हैं। वह किसी को नहीं छोड़ते हैं और भले ही दुश्मन कितना ही खतरनाक न हो।