क्या है सी-प्लान ऐप, जो खासतौर पंचायत चुनाव में होगा इस्तेमाल

एएसपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि सी प्लान ऐप लखनऊ से सीधे संचालित होता है। DGP और UP 112 कंट्रोल रूम को ऐप से जोड़ा गया है।

क्या है सी-प्लान ऐप, जो खासतौर पंचायत चुनाव में होगा इस्तेमाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने जा रहे पंचायत चुनाव के लिए लोकसभा चुनावों की तर्ज पर सी-प्लान ऐप बनाया जा रहा है जो पुलिस के लिए मददगार होगा। पुलिस विभाग अब पंचायत चुनावों में भी इस ऐप का उपयोग करने जा रहा है। गांवों और कस्बों के दस-दस संभ्रांत लोग इसमें शामिल होंगे। इसमें नाम के साथ उनका मोबाइल नंबर रहेगा। किसी भी अप्रिय घटना या अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस इन लोगों से संपर्क करेगी और मामले की सच्चाई का पता लगाएगी और समय पर स्थिति को नियंत्रित करेगी।

बागपत में लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस ने सी-प्लान ऐप की मदद ली थी। इसी का परिणाम था कि लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। अब पुलिस विभाग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी इस ऐप की मदद लेने जा रहा है। जिले के एएसपी मनीष कुमार मिश्रा ने कहा कि सी प्लान ऐप को उद्देश्य सामुदायिक पुलिसिंग, जनता से सीधा संवाद, कानून और व्यवस्था और पुलिस कार्यों में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है। जिले भर के सभी गांवों के अलावा बागपत, बड़ौत और खेकड़ा शहरों के लोगों को भी समूह से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि आम तौर पर चुनावों के दौरान अफवाहों से माहौल खराब होता है। ऐसे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार पुलिस ने इस एप को सक्रिय करने का निर्णय लिया है। इस ऐप को लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने के लिए लॉन्च किया गया था। फिर पुलिस कर्मियों ने गांव-गांव, आस-पड़ोस और संभ्रांत नागरिकों को इस ऐप से जोड़ा था। ऐप में, गांव और लोगों के नाम के साथ उनके मोबाइल नंबर मौजूद हैं। एक ऐप पर क्लिक करने के साथ, इन लोगों के नंबर पुलिस कर्मियों के मोबाइल स्क्रीन पर आते हैं। जिले में किसी भी अप्रिय घटना या अफवाह फैलाने की स्थिति में पुलिस प्रतिष्ठित नागरिकों से संपर्क करती है। 

ऐप डीजीपी और यूपी 112 कंट्रोल रूम से जुड़ेगा

एएसपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि सी प्लान ऐप लखनऊ से सीधे संचालित होता है। DGP और UP 112 कंट्रोल रूम को ऐप से जोड़ा गया है। दोनों कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करते हैं। समय-समय पर ऐप से जुड़े संभ्रांत नागरिकों के साथ समन्वय किया जाता है। क्षेत्र में होने वाली आपराधिक गतिविधियों आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की जाती है।