फिर से सत्ता का ख्वाब देख रही कांग्रेस का पुडुचेरी में सत्ता जाना तय, आज एक और विधायक..

पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर तमिलिसाई सौंदरराजन ने केंद्र शासित प्रदेश में कांग्रेस सरकार को 22 फरवरी को विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था। लेकिन कांग्रेस को इससे पहले एक और बड़ा झटका लगा है।

फिर से सत्ता का ख्वाब देख रही कांग्रेस का पुडुचेरी में सत्ता जाना तय, आज एक और विधायक..

नई दिल्ली। पुडुचेरी (Puducherry) में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे का सिलसिला जारी है और राज्य में लगातार कांग्रेस कमजोर होती जा रही है। वहीं राज्य में कांग्रेस को सोमवार को बहुत साबित करना था लेकिन इससे पहले रविवार को कांग्रेस के एक और विधायक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस के विधायक कें लक्ष्मीनारायणन ने अपना इस्तीफा स्पीकर वीपी शिवाकोलन्धु को सौंपा। उन्होंने बाद में कहा कि नारायणसामी के नेतृत्व वाली इस सरकार ने बहुमत खो दिया है। लक्ष्मीनारायण ने कहा कि उन्होंने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।

मुख्यमंत्री वी नारायणसामी को विधायक के इस्तीफे से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना है, जहां मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी को अपनी सरकार (Congress Government) बचाने के लिए सदन में विधायकों की संख्या के आधार पर बहुमत साबित करना होगा। नारायणसामी सरकार पिछले महीने से दो मंत्रियों सहित पांच विधायकों के इस्तीफे के बाद संकट का सामना कर रही है।

गौरतलतब है कि पुडुचेरी (Puducherry)  की 33 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में 27 सदस्य हैं, जिनमें से कांग्रेस के 10 सदस्य हैं और इनमें विधानसभा अध्यक्ष भी शामिल हैं। नारायणसामी सरकार को कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी द्रमुक के तीन सदस्यों और माहे क्षेत्र के एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन प्राप्त है। विपक्षी दलों के 14 सदस्य हैं।

इससे पहले गुरुवार को, पुडुचेरी (Puducherry)  के लेफ्टिनेंट गवर्नर तमिलिसाई सौंदरराजन ने केंद्र शासित प्रदेश में कांग्रेस सरकार (Congress Government) को 22 फरवरी को विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था। उसने कहा कि वह संविधान के अनुसार काम करेगी। हालांकि कांग्रेस सरकार पूर्व की उपराज्यपाल किरण बेदी का विरोध कर रही थी। लेकिन राज्य में नए उपराज्यपाल के आने के साथ ही कांग्रेस के विधायकों द्वारा इस्तीफा देना शुरू हो गया है। पिछले दिनों राहुल गांधी भी पुडुचेरी के दौरे पर थे। लेकिन उसके बावजूद कांग्रेस में टूट नहीं रूक रही है।