गांव की सरकार: एक तरफ पंचायत चुनाव दूसरी तरफ यूपी बोर्ड परीक्षा, क्या है राज्य निर्वाचन आयोग का प्लान

राज्य में बोर्ड की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू हो रही हैं। यदि मतगणना की तारीख 24 अप्रैल के बाद होती है तो समस्या हो सकती है।

गांव की सरकार: एक तरफ पंचायत चुनाव दूसरी तरफ यूपी बोर्ड परीक्षा, क्या है राज्य निर्वाचन आयोग का प्लान

लखनऊ। प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारी चल रही है और इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहले ही आदेश दिया है कि 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराए जाएं। वहीं इस दौरान राज्य में बोर्ड की परीक्षाएं भी होने वाली हैं। इसको लेकर निर्वाचन आयोग प्लान बना रहा है। राज्य के निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने नौ संभागीय आयुक्तों और डीएम के साथ पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान बोर्ड परीक्षाएं भी होने जा रही है। ऐसे में शिक्षकों की डयूटी परीक्षाओं में लग सकती है। जिसके कारण चुनाव प्रभावित होंगे। राज्य में बोर्ड की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू हो रही हैं। यदि मतगणना की तारीख 24 अप्रैल के बाद होती है तो समस्या हो सकती है। ऐसी संभावना को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को मतगणना स्थलों की फिर से जांच करनी चाहिए। जिन स्कूलों में केंद्र नहीं हैं, उन्हें मतगणना स्थल बनाने में कठिनाई नहीं होगी।

राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस बार चुनाव एक चरण में ही होंगे। न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए मतपत्र अलग-अलग होंगे, लेकिन उन्हें एक ही मतपेटियों में रखा जाएगा। आगरा जिले के मैनपुरी जिले की समीक्षा के दौरान, यह पता चला कि वहां मतदान कर्मियों की संख्या कम है। 

इस पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदानकर्मियों की संख्या बढ़ाने और उनकी पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। फिरोजाबाद और मथुरा मतदान कर्मियों की संख्या जाता है। जबकि आगरा में मतदान कराने के लिए 18 हजार कर्मियों की जरूरत है, लेकिन वहां पर तैनाती 24 हजार कर्मचारियों की है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अधिकतम पुलिस बल की तैनाती का निर्देश दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डिविजनल कमिश्नर अमित गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, प्रभु एन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जे रिभा मौजूद थे।