पंजाब में कैप्टन ने ठोकी दावेदारी और कहा 10-15 साल तक कर सकता हूं सियासत

असल में राज्य में हुए निकाय चुनाव के बाद कैप्टन राज्य में और ज्यादा मजबूत हुए हैं। क्योंकि इन चुनावों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था और किसान आंदोलन का फायदा कांग्रेस को मिला था।

पंजाब में कैप्टन ने ठोकी दावेदारी और कहा 10-15 साल तक कर सकता हूं सियासत

नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इशारों इशारों में पंजाब में अलगे साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सीएम के पद के लिए दावेदारी ठोकी है। कैप्टन ने कहा कि वह पूरी तरह से फिट हैं। उन्होंने अपना वजन भी कम किया है। उन्होंने कहा कि अब वह अगले 10-15 साल तक राजनीति कर सकते हैं और चुनाव भी लड़ सकते हैं। कैप्टन ने कहा कि आलाकमान तय करेगा कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पंजाब में पार्टी का चेहरा कौन होगा, लेकिन वे चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जाहिर है ऐसा कर कैप्टन ने आलाकमान कमान के सामने कोई ऑप्शन नहीं छोड़ा है।

असल में राज्य में हुए निकाय चुनाव के बाद कैप्टन राज्य में और ज्यादा मजबूत हुए हैं। क्योंकि इन चुनावों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था और किसान आंदोलन का फायदा कांग्रेस को मिला था। जिसके बाद कैप्टन का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। वहीं माना जा रहा है कि कैप्टन एक बार फिर सीएम का चेहरा चुनावों में होंगे। वहीं आज केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर, अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब और देश के कई इलाकों के किसान दिल्ली की सीमाओं पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इतनी अहंकारी हो गई है कि वह इन किसानों की बात नहीं सुन रही है।

उन्होंने कहा कि अब वह केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर केंद्र सरकार से बात नहीं करेंगे, क्योंकि इससे पहले वे कई बार केंद्रीय नेताओं और प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं, लेकिन किसान आंदोलन का कोई हल नहीं निकला।

उन्होंने कहा कि किसान संगठन भी नहीं चाहते कि कोई भी राजनीतिक दल उनके आंदोलन में हस्तक्षेप करे। पंजाब में केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ विधेयकों को विधानसभा में पारित किया गया और उन्हें मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया, लेकिन राज्यपाल ने अभी तक पंजाब के विधेयकों को अपनी स्वीकृति नहीं दी है। अगर वे अगले कुछ दिनों में पंजाब सरकार के बिलों को मंजूरी नहीं देते हैं, तो पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

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बता दें कि कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आवाज उठाई थी। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी से किसानों की मांगें मानने की अपील भी की थी।