'Gandhi family' bowed down in front of Didi: कांग्रेस ने बंगाल में लागू किया 'दिल्ली मॉडल'

'Gandhi family' bowed down in front of Didi: कांग्रेस बंगाल चुनाव से पहले ही दूर हो गई थी। राज्य में कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी तो की, लेकिन बंगाल में किसी को प्रचार के लिए नहीं उतारा।

'Gandhi family' bowed down in front of Didi: कांग्रेस ने बंगाल में लागू किया 'दिल्ली मॉडल'

'Gandhi family' bowed down in front of Didi: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आ चुके हैं। राज्य में तीसरी बार तृणमूल कांग्रेस सत्ता में काबिज हो रही है। जबकि राज्य में बीजेपी अब मुख्य विपक्षी बन गई है। वहीं इन दो दलों के बीच अब राज्य में कोई तीसरा दल नहीं बचा है। हालांकि ये पहले से ही साफ गया था कि राज्य में मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच में है। लेकिन कांग्रेस और वाम दलों की इतनी दुर्गति होगी, ये कांग्रेस ने सोचा नहीं था। राज्य में कांग्रेस और वाम दलों (alliance of Congress and Left parties) का गठबंधन खाता तक नहीं खोल सका है। क्योंकि राज्य में कांग्रेस (Congress) ने दिल्ली का मॉडल लागू कर दिया था, जिसके तहत पिछले साल राज्य में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस (Congress) ने अपना वोट बैंक आम आदमी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर दिया था और राज्य में आप की सरकार बन गई थी।

असल में राज्य में कांग्रेस और वाम दल (Congress and the Left parties) पहले ही मुकाबले में नहीं थे। लेकिन वाम दल, कांग्रेस और आईएसएफ का गठबंधन बन जाने के बाद ये उम्मीद की जा रही थी कि राज्य में ये तीसरा मोर्चा कुछ तो सीट लेकर आएगा। क्योंकि आईएसएफ के आने के बाद राज्य में ये माना जा रहा था कि मुस्लिम वोट बैंक (Muslim vote bank) तीसरे मोर्च की तरफ आएगा। लेकिन राज्य में चौथे चरण के चुनाव के बाद कांग्रेस ने बंगाल में दिल्ली मॉडल लागू (Delhi model in Bengal) किया और अपना वोट बैंक बीजेपी को हराने के लिए टीएमसी (TMC) की तरफ शिफ्ट किया।

राज्य में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी की को 49 फीसदी से ज्यादा वोट मिले हैं। जबकि कांग्रेस (Congress) और वाम दलों के गठबंधन को को छह से सात फीसदी वोट मिला। वहीं लोकसभा चुनाव में दोनों दलों को करीब 12 फीसदी वोट मिले था। यानी पांच से छह फीसदी वोट कांग्रेस और वाम दलों ने टीएमसी (TMC) की तरफ शिफ्ट किया है। जिसके कारण ममता राज्य की सत्ता पर फिर से काबिज हुई है। वहीं ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को लोकसभा चुनाव (Loksabha election) में 44 फीसदी वोट मिला था और माना जाता है कि राज्य में 48 फीसदी वोट मिलने पर कोई दल सत्ता पर काबिज हो सकता है।

बीजेपी के 37 फीसदी वोट मिला

अभी तक जो आंकड़े आ रहे हैं। उसके मुताबिक बीजेपी को करीब 37 फीसदी वोट मिला। जिसके कारण वह सत्ता तक नहीं पहुंच सकी। लेकिन राज्य की कई सीटों पर बीजेपी काफी कम मतों के अंतर से हारी है। लेकिन पार्टी को लोकसभा चुनाव में 39 फीसदी वोट मिला था। यानी बीजेपी लोकसभा चुनाव में मिले वोट को रिटेन नहीं कर सकी। 

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कांग्रेस (Congress)  बंगाल चुनाव से रही दूर

वहीं कांग्रेस बंगाल चुनाव से पहले ही दूर हो गई थी। राज्य में कांग्रेस (Congress) ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी तो की, लेकिन बंगाल में किसी को प्रचार के लिए नहीं उतारा। यहां तक कि राहुल गांधी ने बंगाल में एक ही दिन चुनाव प्रचार किया। वहीं कांग्रेस (Congress) ने बंगाल में पूरा जिम्मा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के हवाले कर दिया था।  वहीं राज्य में प्रियंका गांधी और किसी भी बड़े नेता ने प्रचार नहीं किया, कांग्रेस (Congress) ने बगल के राज्य असम में जमकर प्रचार किया।