कांग्रेस के बागियों ने पहनी भगवा पगड़ी, दस जनपथ की बढ़ी चिंताएं

जी -23 नेताओं (कांग्रेस के बागी नेताओं के एक समूह) ने जम्मू और कश्मीर में एक बड़ा जमावड़ा किया और गौर करने वाली बात ये है कि इसमें कांग्रेस के सभी बागी भगवा पगड़ी में नजर आए। फिलहाल बागियों की बैठक पर कांग्रेस आलाकमान और गांधी परिवार के समर्थकों की नजर लगी हुई थी।

कांग्रेस के बागियों ने पहनी भगवा पगड़ी, दस जनपथ की बढ़ी चिंताएं

नई दिल्ली। कांग्रेस के बागियों की आज जम्मू में हुई बैठक में कांग्रेस के नेता भगवा पकड़ी पहने नजर आए। अब इसके सियासी मतलब निकाले जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह राज्यसभा से रिटायर हुए हैं कांग्रेस से नहीं। असल में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वर्तमान में चुनावी राज्य तमिलनाडु के दौरे पर हैं। दूसरी ओर, पार्टी के असंतुष्ट नेताओं ने एक बार फिर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जी -23 नेताओं (कांग्रेस के बागी नेताओं के एक समूह) ने जम्मू और कश्मीर में एक बड़ा जमावड़ा किया और गौर करने वाली बात ये है कि इसमें कांग्रेस के सभी बागी भगवा पगड़ी में नजर आए। फिलहाल बागियों की बैठक पर कांग्रेस आलाकमान और गांधी परिवार के समर्थकों की नजर लगी हुई थी।

असल में कांग्रेस में एक बड़ा धड़ा पार्टी के भीतर लोकतंत्र बहाली की मांग कर रहा है। ये नेता पार्टी में कार्यसमिति में सदस्यों का चयन चुनाव से कराना चाहते हैं। जी -23 में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जिन्होंने पिछली बार सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था, जिसके बाद बहुत हंगामा हुआ था। अब सभी बागियों ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व पर बड़ा हमला किया है।

सिब्बल बोले कांग्रेस हो रही है कमजोर

असंतुष्ट नेता कपिल सिब्बल ने दी राहुल गांधी को सलाह ने जम्मू में शांति सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा, सच्चाई बताने का अवसर है और आज केवल सच बोलूंगा। हम यहां क्यों इकट्ठे हैं? सच्चाई यह है कि कांग्रेस पार्टी कमजोर दिख रही है। इसीलिए हम यहां एकत्रित हुए हैं। उन्होंने आगे कहा, पहले भी इकट्ठा हुए थे। हमें इसे इकट्ठा और मजबूत करना होगा। उन्होंने गुलाम नबी आज़ाद के बारे में भी कहा, हम नहीं चाहते थे कि गुलाम नबी आज़ाद साहब को संसद से आज़ादी मिले। 

राज्यसभा से सेवानिवृत्त, राजनीति से सेवानिवृत्त नहीं: आजाद

बागियों के शांति सम्मेलन में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "मैं राज्यसभा से सेवानिवृत्त हुआ हूं, मैं राजनीति से सेवानिवृत्त नहीं।  मैं पहली बार संसद से सेवानिवृत्त नहीं हुआ हूं।" उन्होंने कहा, आज कई सालों के बाद हम राज्य का हिस्सा नहीं हैं, हमारी पहचान खो गई है। राज्य को फिर से हासिल करने के लिए हमारी संसद के अंदर और बाहर लड़ाई जारी रहेगी। 

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जी-23 नहीं गांधी-23

वहीं बॉलीवुड अभिनेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राज बब्बर ने कहा, लोग कहते हैं- G23, मैं गांधी 23 कहता हूं। महात्मा गांधी के विश्वास, संकल्प और सोच के साथ, इस देश के कानून और संविधान का गठन किया गया था। कांग्रेस इसे आगे ले जाने के लिए मजबूत है। जी 23 चाहता है कि कांग्रेस मजबूत हो।

दस जनपथ की थी नजर

वहीं आज बागियों की इस बैठक पर दस जनपथ की नजर लगी हुई थी। गांधी परिवार के करीबी इस बैठक की पल पल की जानकारी आलाकमान को दे रहे थे। असल में अंतरिम अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी का कार्यकाल समाप्त हो रहा था और राहुल गांधी को एक बार फिर से पार्टी में अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की जा रही थी, तो सिब्बल और आजाद के नेतृत्व वाले असंतुष्ट नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र भेजकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए।