सर्दियों में हाथ-पैरों में सूजन का कारण हो सकते हैं चिलब्लेन, जानें योगी गुरु प्रशांत शर्मा से घरेलू उपचार

ज्यादा ठंडे मौसम में अक्सर बाइक चलाने के बाद, पानी में देर तक काम करने के बाद या हाथ-पैर खुले होने पर इनमें सूजन और खुजली शुरू हो जाती है। इस समस्या को चिलब्लेन कहते हैं। दरअसल, इस बीमारी में लोगों के हाथ और पैर की उंगलियां और कान का निचला हिस्सा लाल होकर सूज जाता है। इससे तेज खुजली, गर्माहट या जलन महसूस होती है।

सर्दियों में हाथ-पैरों में सूजन का कारण हो सकते हैं चिलब्लेन, जानें योगी गुरु प्रशांत शर्मा से घरेलू उपचार
सर्दियों में हाथ-पैरों में सूजन का कारण हो सकते हैं चिलब्लेन, जानें योगी गुरु प्रशांत शर्मा से घरेलू उपचार

नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में अक्सर आपके हाथ पैरों की उंगलियां लाल हो जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। कई बार ऐसा लगता है कि उंगलियों में कोई तरल पदार्थ भरा हो। ये लक्षण चिलब्लेन के हो सकते हैं। चिलब्लेन सर्दियों में होने वाली एक आम समस्या है। ये समस्या ज्यादा ठंड में बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पानी में काम करने वाले, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों (महिलाएं और पुरुष) को होती हैं। सूजन के साथ-साथ उंगलियों में खुजली और सुरसुराहट भी महसूस होती है।  योग गुरु प्रशांत शर्मा बता रहें हैं सरल घरेलू उपचार। 

क्या हैं चिलब्लेन -

ज्यादा ठंडे मौसम में अक्सर बाइक चलाने के बाद, पानी में देर तक काम करने के बाद या हाथ-पैर खुले होने पर इनमें सूजन और खुजली शुरू हो जाती है। इस समस्या को चिलब्लेन कहते हैं। दरअसल, इस बीमारी में लोगों के हाथ और पैर की उंगलियां और कान का निचला हिस्सा लाल होकर सूज जाता है। इससे तेज खुजली, गर्माहट या जलन महसूस होती है। कई बार तो खुजलाने की वजह से उन अंगों पर जख्म भी बन जाता है। कई बार ये सूजन इतनी खतरनाक होती है कि उंगलियों में घाव हो जाता है और समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में चिलब्लेन से बचाव के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए और कुछ घरेलू उपायों की मदद लेनी चाहिए।

चिल ब्लेन होने पर क्या करें और क्या न करें?

अगर चिल ब्लेन के लक्षण आपमें नजर आएं, यानी तेज खुजली हो तो उस जगह को नाखून से खुजलाने के बजाय कपड़े से आराम से सहलाएं। चिल ब्लेन की समस्या होने पर शरीर के उस हिस्से को आग के पास बैठकर  गर्म ना करें। इससे आपकी दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। इससे राहत पाने के लिए आप गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर उससे हाथ और पैरों की सिंकाई करें।
सर्दियों में अपने हाथ-पैर को अच्छी तरह ढक कर रखें।
बाहर निकलते समय जूते-मोजे और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनकर ही निकलें।
बाइक चलाते समय कान, हाथ, पैर को ढक कर रखें और दस्ताने जरूर पहनें।
सर्दियों में ऊनी या सूती कपड़े ही पहनें।
बहुत देर तक ठंडे पानी में काम न करें। गर्म पानी का प्रयोग करें ।

 चिलब्लेन के घरेलू उपचार -

सूजन को दूर करने के लिए गर्म पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें और इस पानी में हाथ और पैर डालकर बैठें।
जैतून और नारियल तेल को हल्का गर्म कर लें और इससे पैर और हाथों की मसाज करें। ऐसा दिन में दो से तीन बार कर सकते हैं।
आटे का पेस्ट बनाकर लगाएं और फिर हल्के गुनगुने पानी से धो दें। इससे भी दर्द और लाली में आराम मिलेगा।

ठंड से बचने के आहार -

सर्दियों में अपने शरीर को बाहर से गर्म रखने के साथ-साथ अंदर से गर्म रखना भी बहुत जरूरी है। इसलिए अपने खान-पान में ऐसे आहारों को शामिल करें, जो सर्दियों में आपके शरीर को न सिर्फ जरूरी पोषक तत्व दें बल्कि शरीर को गर्म रखें। अपने आहार में मौसमी फल ( आँवला, कीनु, संतरा ) और सब्जियों के साथ-साथ अदरक, लहसुन, जीरा, गर्म मसाले आदि का प्रयोग जरूर करें।
नियमित करें प्राणायाम
नाड़ीशोधन, सूर्यभेदी, भस्त्रिका