बंगाल चुनाव में हर दांव को आजमाएगी बीजेपी, पहले चरण के बाद बदलेगी रणनीति

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Polls) पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों के लिए 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठ चरणों में मतदान होने हैं और इस के लिए बीजेपी अपने हर दांव को आजमाने की तैयारी में है।

बंगाल चुनाव में हर दांव को आजमाएगी बीजेपी, पहले चरण के बाद बदलेगी रणनीति

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में हो रहे विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party)  राज्य में सत्ता पाने के लिए हर दांव को लगाने की तैयारी में है। बीजेपी (BJP) अपने दशकों पुराने सपने को साकार करने की कोशिश कर रही है। इस विधानसभा चुनाव (Assembly Polls) में बीजेपी के लिए बहुत कुछ दांव पर है और लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती भी पार्टी के ऊपर है। वहीं एक दशक पहले तक वाम दलों का अभेद्य गढ़ माना जाता था और अब राज्य में बीजेपी का बड़ा आकार बन गया है और इससे राज्य के सभी सियासी दलों खासतौर से टीएमसी में खौफ है। फिलहाल कहा जा रहा है कि बीजेपी पहले चरण के बाद अपनी रणनीति में बदलाव करेगी। लिहाजा इसके लिए उनसे अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।

बीजेपी ने राज्य में पिछले लोकसभा चुनावों में 18 सीटें जीती और टीएमसी समेत सभी दलों को चौंका दिया।  लिहाजा बीजेपी चुनाव में किसी भी हाल में जीत दर्ज करना चाहती है। दिलचस्प बात यह है कि 27 मार्च से शुरू होने वाले चुनाव में पार्टी की हार को भी उसकी जीत माना जाएगा क्योंकि तब बीजेपी बंगाल (BJP Bengal) में 2024 के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections in Bengal 2024 ) के लिए भी तैयार कर रही है। अगर बीजेपी राज्य में किला फतह करती है तो 2024 में वह बड़ी जीत दर्ज करने की राह पर होगी।

मौजूदा राज्य सरकार के साथ असंतोष, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, कथित घुसपैठ और विपक्ष को कमजोर करना ऐसे कारण थे जिन्होंने बीजेपी को आठ साल के भीतर बड़ा फायदा दिया है। पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections 2019) में 42 में से 18 सीटें जीतीं।

आठ साल में चार से 40 फीसदी वोट पहुंची बीजेपी

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी की तुलना में बीजेपी के पास कमजोर संगठन है। लेकिन बीजेपी के कार्यकर्ताओं में जोश देखने वाला है। ममता बनर्जी बाहरी बनाम स्थानीय की लड़ाई बनाकर इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। वहीं साल 2011 में जब ममता बनर्जी सत्ता में आईं तो बीजेपी को चार प्रतिशत वोट मिले जो 2019 में बढ़कर 40 प्रतिशत हो गए।

बीजेपी का दावा 200 सीट जीतेगी

बीजेपी का दावा है कि वह राज्य में 294 में से 200 से अधिक विधानसभा सीटें जीतेगी। पश्चिम बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष (West Bengal Pradesh BJP President Dilip Ghosh) कहा कहना है कि पश्चिम बंगाल जीतना हमारी पार्टी का बहुत पुराना सपना है और हम जनसंघ के समय से इसमें लगे हुए हैं। राज्य में हमारी विचारधारा का विस्तार करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। 

वाम दलों के गढ़ में लगाई बीजेपी ने सेंध

असल में राज्य को हमेशा एक वामपंथी गढ़  (Left stronghold) माना जाता रहा है। लेकिन इस बार वाम दल चुनाव युद्ध से बाहर दिख रहे हैं और लड़ाई बीजेपी और टीएमसी के बीच मानी जा रही है। 

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आठ चरणों में होने हैं चुनाव

राज्य की सभी 294 सीटों पर 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल में चुनाव 27 मार्च, 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतों की गिनती 2 मई को होगी।