उत्तर का फार्मूला दक्षिण में लागू कर रही है बीजेपी, जानें क्या है बीजेपी का प्लान जिससे डीएमके हो गई परेशान

पीएम की रैली के बाद डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी के पास ऐसा कोई नेता नहीं है जिसका कटआउट वह लगा सके, इसलिए वह दूसरे दल के नेताओं के कटआउट लगा रही है।

उत्तर का फार्मूला दक्षिण में लागू कर रही है बीजेपी, जानें क्या है बीजेपी का प्लान जिससे डीएमके हो गई परेशान
उत्तर का फार्मूला दक्षिण में लागू कर रही है बीजेपी, जानें क्या है बीजेपी का प्लान जिससे डीएमके हो गई परेशान

नई दिल्ली। दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में चुनाव के लिए बीजेपी ने नई रणनीति तैयार की है। राज्य में आज चुनाव का ऐलान हो गया है और बीजेपी अब अपनी रैलियों और प्रचार में अन्य दलों के मजबूत नेताओं के पोस्टर का उपयोग कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के.के. कामराज और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के कटआउट भी कोयंबटूर में लगे हुए थे। इससे साफ है कि बीजेपी राज्य में जीत दर्ज करने के लिए राज्य के नायकों का गुणगान करने से नहीं चूकेगी।

पीएम की रैली के बाद डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी के पास ऐसा कोई नेता नहीं है जिसका कटआउट वह लगा सके, इसलिए वह दूसरे दल के नेताओं के कटआउट लगा रही है। दो महीने पहले तमिलनाडु बीजेपी के एक वीडियो टीज़र में MGR की एक तस्वीर का इस्तेमाल किया था और तब राज्य में इसकी सहयोगी आईएडीएमके (AIADMK) ने इस पर आपत्ति जताई थी। आईएडीएमके के नेता कहते हैं पार्टी और बीजेपी में गठबंधन है लेकिन इसमें MGR के पोस्टर का उपयोग करना उचित नहीं है।

वहीं डीएमके (DMK) नेता कनिमोझी का कहना है, "AIADMK का MGR पर कोई अधिकार नहीं है। और बीजेपी MGR का उपयोग कर रही है, यह दर्शाता है कि बीजेपी और आईएडीएमके के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं है जो यहाँ के मतदाताओं को आकर्षित कर सके।

दरअसल इन पोस्टरों के जरिए बीजेपी ये दिखाने की कोशिश कर रही है कि बीजेपी तमिलनाडु की राजनीति के इन दो व्यक्तित्वों का सम्मान करती है, इसलिए पीएम होने के बाद भी मोदी ने अपनी तस्वीर को छोटा रखा है। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल चुनावों में भी यही फॉर्मूला अपनाया है। इन राज्यों के पिछले विधानसभा चुनावों में, राम मनोहर लोहिया, कांशी राम, चौधरी चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर, सुभाष चंद्र बोस, ज्योति बसु, रवींद्रनाथ टैगोर आदि का नाम बीजेपी  नेताओं और पीएम मोदी की ओर से बड़े सम्मान  से लिया गया था।  और यही फॉर्मूला अब बीजेपी ने तमिलनाडु में भी अपना रही है। के. कामराज पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने पहली बार मिड-डे मील योजना बनाई और लागू की थी। इसी तरह एमजीआर ने गरीबों और महिलाओं के लिए बहुत काम किया और इन दोनों वर्गों में उनकी लोकप्रियता चरम पर थी।